नगर पंचायत, कुरसठ

जनपद - उन्नाव

अवलोकन


कुरसठ कस्बा और नगर पंचायत भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के उन्नाव जिले में है । 2011 की भारत की जनगणना के अनुसार कुरसठ की जनसंख्या 6,030 थी । कुल जनसंख्या में 52% पुरुष और 48% महिलायें है। कुरसठ की औसत साक्षरता दर 42% है जोकि राष्ट्रीय औसत साक्षरता दर से कम है। हम नगर पंचायत कुरसठ के सभी सदस्य गण आपका अपनी अधिकारिक वेबसार्इट पर स्वागत करते हैं। यह वेबसार्इट नगर पंचायत कुरसठ की सूचना एवं संचार प्रौधोगिकी संबंधित पहल का एक भाग है। यह वेबसार्इट मुख्यत: कुरसठ नगर के निवासियों को विभिन्न लाभप्रद सेवाओं को उपलब्ध कराने की ओर हमारी एक सामूहिक पहल है।

हम कौन हैं?

हम स्थानीय प्रशासन की एक संस्था हैं और हमको "शहरी स्थानीय निकाय"(यूएलबी) कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय विभिन्न श्रेणियों के हैं और हमको यूएलबी का एक "नगर पालिका परिषद" प्रकार के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

हमको भारत के संविधान में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार गठित किया गया हैं। वर्ष 1992 में संसद द्वारा प्रख्यापित 74वें संशोधन में हमारे अस्तित्व को संरचना प्रदान की गई है।

हमको कौन नियंत्रित करता है?

स्थानीय सरकार की एक संस्था होने के नाते हमारे दो wings- के बीच एक स्पष्ट अंतर है।
01 - विधानमंडल और
02 - कार्यकारी
हमारा विधानमंडल एक शासी निकाय है। इस शासीकीय निकाय को हमारे भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों द्वारा चुने गए है।

भौगोलिक क्षेत्र को २ भाग में किया गया है-चुनावी वार्डों। प्रत्येक वार्ड के लिए एक प्रतिनिधि का चुनाव होता है जो अपने वार्ड की समस्याओं को निकाय को सूचित करके समस्याओं का निस्तसरण करता है। अन्य सदस्य जो निकाय को नियंत्रित करते हैं। विधायक सांसद, नगर आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट।

शासकीय निकाय के लिए चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है। 18 वर्ष से अधिक कोई भी व्यक्ति निकाय के चुनावों में वोट करने के लिए पात्र है।

शासकीय निकाय संवैधानिक ढांचे और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए नियमों के भीतर काम करता है।

हम क्या करते हैं?

राज्य सरकार द्वारा हमको निर्दिष्ट किया गया है कि हम अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिये अपने भौगोलिक क्षेत्र में बहुत चीजों को कर सकते हैं। हमारे कुछ काम हैं:
01 - स्ट्रीट लाइट नेटवर्क की स्थापना और रातों में उचित सड़क प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना।
02 - नागरिकों के लिए जल आपूर्ति नेटवर्क की स्थापना, पानी की सुनिश्चित पर्याप्त मात्रा उपलब्ध और इसे बनाए रखना।